मोरिंगा सूप (Moringa Soup Recipe in Hindi)

मोरिंगा सूप (Moringa Soup Recipe in Hindi) 

सहजन (ड्रमस्टिक या मोरिंगा) के पत्तों का सूप स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। यह सूप इम्यूनिटी बढ़ाने, ब्लड शुगर नियंत्रित करने, पाचन सुधारने और हड्डियों को मजबूत करने में सहायक है।

सहजन के पत्तों का सूप बनाने की विधि:

सामग्री:

  • 1.5 कप सहजन के पत्ते
  • 2 बड़े चम्मच चावल का मांड (पानी)
  • 5 छोटे प्याज
  • 1 टमाटर
  • 1 हरी मिर्च
  • 1 बड़ा चम्मच नारियल का दूध
  • 1 छोटा चम्मच जीरा
  • आधा छोटा चम्मच काली मिर्च
  • स्वादानुसार नमक

निर्देश:

  1. चावल के मांड को एक बर्तन में डालकर उबालें।
  2. उबाल आने पर साफ धुले सहजन के पत्ते डालें और मिलाएं।
  3. इसके बाद, छोटे प्याज, टमाटर और हरी मिर्च डालें।
  4. ढक्कन लगाकर धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक सहजन के पत्ते पक न जाएं।
  5. पत्ते पकने पर नारियल का दूध, काली मिर्च, जीरा और नमक डालकर 5 मिनट तक उबालें।
  6. तड़के के लिए, एक पैन में तेल गरम करें, उसमें जीरा और अन्य सामग्री डालें।
  7. आंच बंद करें और सूप को थोड़ा ठंडा होने पर परोसें।

यह सूप सर्दी, गले में खराश और खांसी जैसी समस्याओं में राहत प्रदान करता है।

सहजन के सूप के फायदे:

सहजन, जिसे मोरिंगा या ड्रमस्टिक के नाम से भी जाना जाता है, एक अत्यंत पौष्टिक पौधा है जो स्वास्थ्य के लिए अनेक लाभ प्रदान करता है। इसके प्रमुख फायदों में शामिल हैं:

1. हड्डियों की मजबूती:

सहजन में कैल्शियम और आयरन प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक हैं। यह ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डी संबंधी बीमारियों के जोखिम को कम करने में भी मदद करता है।

2. मधुमेह नियंत्रण:

सहजन में इंसुलिन जैसे प्रोटीन पाए जाते हैं, जो रक्त शर्करा स्तर को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। यह मधुमेह रोगियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है।

3. पाचन तंत्र के लिए लाभकारी:

सहजन में फाइबर और विटामिन-बी (राइबोफ्लेविन) होते हैं, जो पाचन प्रक्रिया को सुधारते हैं और कब्ज, एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाते हैं।

4. वजन घटाने में सहायक:

सहजन में डाईयूरेटिक गुण होते हैं, जो शरीर से अतिरिक्त जल को निकालते हैं, जिससे वजन कम करने में सहायता मिलती है। इसके फाइबर सामग्री के कारण यह शरीर में वसा अवशोषण को भी कम करता है।

5. गर्भावस्था में फायदेमंद:

सहजन में विटामिन्स और मिनरल्स की प्रचुरता गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती है। यह कमजोरी को दूर करने और होने वाले बच्चे को कुपोषण से बचाने में सहायक है।

6. थायरॉयड के लिए उपयोगी:

सहजन का सेवन थायरॉयड ग्रंथि की अधिक सक्रियता को नियंत्रित करने में सहायक होता है, जिससे थायरॉयड संबंधित समस्याओं में राहत मिलती है।

7. बालों और त्वचा के लिए लाभकारी:

सहजन में मौजूद जिंक, विटामिन्स और एमिनो एसिड्स बालों की वृद्धि में सहायक होते हैं। इसका तेल त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे सोरायसिस, एक्ज़िमा में राहत प्रदान करता है।

8. किडनी स्टोन में राहत:

सहजन किडनी में जमा अनावश्यक कैल्शियम को बाहर निकालने में सहायक होता है, जिससे पथरी की समस्या में राहत मिलती है।

9. कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल को नियंत्रित करे:

सहजन का सेवन कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर लेवल को संतुलित करने में सहायक होता है, जिससे हृदय संबंधी रोगों का जोखिम कम होता है।

10. कैंसर प्रतिरोधी गुण:

सहजन में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत करते हैं और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं।

11. मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी:

सहजन का सेवन डिप्रेशन, बेचैनी, थकान, भूलने की बीमारी और अनिद्रा जैसी मानसिक समस्याओं में राहत प्रदान करता है।

इन सभी लाभों के कारण सहजन को अपने आहार में शामिल करना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *